प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को स्थानीय जिम्मेदार खुलेआम चुनौती दे रहे हैं। जनपद के नगर पंचायत पट्टी से विकास कार्यों में बड़ी धांधली का मामला सामने आया है। यहाँ वार्ड नंबर 3 में हो रहा नाला निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है।
पूर्व मंत्री की उम्मीदों पर फिर रहा पानी
एक तरफ जहाँ प्रदेश के कद्दावर पूर्व मंत्री क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए दिन-रात प्रयासरत हैं, वहीं पट्टी नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी और ठेकेदार उनकी उम्मीदों पर पानी फेरने में लगे हैं। वार्ड नंबर 3 में निर्माणाधीन नाले की गुणवत्ता इतनी खराब है कि इसे देखकर ही भ्रष्टाचार का अंदाजा लगाया जा सकता है। मानक विहीन सामग्री का प्रयोग और घटिया निर्माण तकनीक ने शासन की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कमीशनखोरी की चर्चा तेज
नगर के गलियारों में इस समय विकास से ज्यादा 'कमीशनखोरी' की चर्चाएं तेज हैं। चर्चा है कि ऊंचे दामों पर ठेके और फिर मोटी कमीशनबाजी के चक्कर में निर्माण की गुणवत्ता के साथ समझौता किया गया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि नाला निर्माण में ईंट से लेकर सीमेंट तक, सब कुछ दोयम दर्जे का इस्तेमाल हो रहा है।
"क्या यही है पट्टी का विकास? अगर अभी यह हाल है, तो पहली बरसात में ही इस नाले का क्या हश्र होगा, यह समझा जा सकता है।" — स्थानीय निवासी
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
भ्रष्टाचार का यह खेल खुलेआम चल रहा है, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी मौन साधे हुए हैं। अब सबकी नजर जिला प्रशासन पर टिकी है। सवाल यह उठता है कि:
- क्या घटिया निर्माण की जांच के लिए कोई टीम भेजी जाएगी?
- क्या दोषी ठेकेदार और लापरवाह अधिकारियों पर गाज गिरेगी?
- क्या पट्टी की जनता के टैक्स के पैसे का इसी तरह बंदरबांट होता रहेगा?
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में कब और क्या कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
0 टिप्पणियाँ