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UP Panchayat Election: यूपी पंचायत चुनाव की डेडलाइन तय! मंत्री ओपी राजभर का बड़ा खुलासा, जानें कब होंगे चुनाव



लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गांव की सरकार चुनने का इंतजार कर रहे करोड़ों मतदाताओं और भावी उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है। प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पंचायत चुनावों को लेकर जारी सस्पेंस को खत्म करते हुए एक स्पष्ट डेडलाइन दे दी है। मंत्री के ताजा बयान के बाद अब यह साफ हो गया है कि प्रदेश में चुनावी बिगुल बजने में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है।

​ जून तक खत्म हो जाएगी चुनावी प्रक्रिया

​बलिया में मीडिया से रूबरू होते हुए मंत्री राजभर ने स्पष्ट किया कि यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया जून 2026 तक हर हाल में संपन्न करा ली जाएगी। मंत्री ने कहा, "मामला जुलाई तक नहीं खिंचेगा, जून तक सारे चुनाव निपटा लिए जाएंगे।"

​विशेषज्ञों और राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि अप्रैल और मई के बीच वोटिंग की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है, ताकि जून तक सभी परिणाम और शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो सके।

​ मतदाता सूची पर काम जारी: 6 फरवरी है अहम तारीख

​चुनाव की तैयारियों पर अपडेट देते हुए मंत्री ने बताया कि वर्तमान में चुनाव आयोग SIR (सप्लीमेंट्री इन्वेंट्री रिपोर्ट) पर काम कर रहा है।

  • वोटर लिस्ट: 6 फरवरी तक मतदाता सूची में नाम बढ़ाने, संशोधन करने और नाम काटने की प्रक्रिया चलेगी।
  • तैयारी का समय: अब भावी उम्मीदवारों के पास खुद को साबित करने के लिए महज 5-6 महीने का समय बचा है।

​ एक साथ डलेंगे 3 वोट, गांव की गलियों में बढ़ी 'गर्मी'

​इस बार भी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदाता एक साथ तीन पदों के लिए मतदान करेंगे। पोलिंग बूथ पर तीन अलग-अलग बक्से रखे जाएंगे:

  1. ग्राम प्रधान के लिए
  2. BDC (क्षेत्र पंचायत सदस्य) के लिए
  3. जिला पंचायत सदस्य के लिए

​इन परिणामों के तुरंत बाद ही ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव की अप्रत्यक्ष प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें नवनिर्वाचित सदस्यों की भूमिका सबसे अहम हो जाएगी।

​ सक्रिय हुए धुरंधर: कहीं कंबल तो कहीं दावतों का दौर

​मंत्री के बयान के बाद गांवों में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। 5 साल से शांत बैठे 'भावी प्रधान' अब सक्रिय हो गए हैं:

  • ​चौराहों पर 'भावी उम्मीदवार' के होर्डिंग्स और पोस्टर सज गए हैं।
  • ​वोटरों को लुभाने के लिए कहीं कंबल वितरण हो रहा है तो कहीं सामूहिक दावतों का दौर चल पड़ा है।
  • ​सोशल मीडिया पर जनसंपर्क के अभियान तेज कर दिए गए हैं।

​यूपी पंचायत चुनाव को लेकर सरकार की मंशा अब साफ है। जून की डेडलाइन तय होने से प्रशासन और उम्मीदवारों, दोनों ने ही अपनी कमर कस ली है। अब देखना यह होगा कि इस बार गांव की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगती है।

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