प्रतापगढ़, संवाददाता। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए, शुक्रवार दोपहर प्रयागराज की एंटी करप्शन टीम ने प्रतापगढ़ नगर पालिका कार्यालय से एक निलंबित लिपिक को ₹87,500 की घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी नगर पालिका कार्यालय के टाइपिस्ट कक्ष से हुई।
निलंबित लिपिक सहित EO पर केस दर्ज
गिरफ्तार आरोपी की पहचान निलंबित लिपिक प्रशांत सिंह के रूप में हुई है। एंटी करप्शन टीम ने इस मामले में आरोपी लिपिक के साथ-साथ ढकवा नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (EO) के खिलाफ भी केस दर्ज कराया है।
कार्रवाई की भनक लगते ही सन्नाटा और मोबाइल स्विचऑफ
नगर पालिका कार्यालय से प्रशांत सिंह की गिरफ्तारी की खबर जैसे ही नगर पंचायत ढकवा पहुंची, कार्यालय में सन्नाटा छा गया। खबर मिलते ही ज्यादातर कर्मचारी कार्यालय से गायब हो गए और उन्होंने अपने मोबाइल फोन स्विचऑफ कर लिए।
बाजार में भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया। स्थानीय लोग इस बात पर हैरानी जता रहे थे कि निलंबित होने के बावजूद पूर्व लिपिक का ढकवा नगर पंचायत के कार्यों में इतना हस्तक्षेप क्यों था। लोगों का कहना था कि वह यहां तैनाती के दौरान अधिशासी अधिकारी के लिए वसूली करता था, और यहां से जाने के बाद भी ज्यादातर काम उसी की चलती थी।
कूटरचना और स्वैच्छाचारिता में हुआ था निलंबित
गिरफ्तार लिपिक प्रशांत सिंह को कूटरचना (Forgery) और स्वैच्छाचारिता के गंभीर आरोपों के चलते 12 सितंबर 2025 को निलंबित किया गया था। उसके खिलाफ शिकायतों की जांच के लिए एक टीम भी गठित की गई थी।
हालांकि, निलंबन के बावजूद वह नियमित रूप से नगर पालिका कार्यालय आता रहा। इससे पहले, 2025 में उसकी तैनाती नगर पंचायत ढकवा में थी।
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