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प्रतापगढ़: नगर पंचायत ढकवा कार्यालय पहुंची एंटी करप्शन की टीम, कर्मचारियों में मचा हड़कंप

प्रतापगढ़। भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत प्रयागराज की एंटी करप्शन टीम ने आज नगर पंचायत ढकवा कार्यालय में दस्तक दी। टीम के पहुंचते ही कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। प्रभारी निरीक्षक रविंद्र सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने घंटों तक जांच-पड़ताल की और कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों के लिखित बयान दर्ज किए।

क्या है पूरा मामला?

​यह पूरी कार्रवाई नगर पालिका के एक निलंबित कर्मचारी द्वारा रिश्वत लेने के मामले से जुड़ी है। बीते 9 जनवरी को प्रयागराज एंटी करप्शन की टीम ने भदोही निवासी प्रवीण रामपाल सिंह की शिकायत पर जाल बिछाया था। टीम ने नगर पालिका कार्यालय में निलंबित कर्मचारी प्रशांत सिंह को 87,500 रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।

ईओ अभिनव यादव पर गिरी गाज

​जांच में यह बात सामने आई कि ढकवा में निर्माण कार्य शुरू करने के बदले में शिकायतकर्ता की फर्म से कमीशन की मांग की गई थी। इस मामले में नगर पंचायत ढकवा के अधिशाषी अधिकारी (EO) अभिनव यादव को भी आरोपी बनाया गया, जिसके बाद शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया था।

ढकवा कार्यालय में घंटों चली पूछताछ

​बुधवार दोपहर करीब 12 बजे एंटी करप्शन टीम ढकवा कार्यालय पहुंची। टीम ने लगभग दो घंटे तक डेरा डाले रखा। इस दौरान:

  • ​कार्यालय के अभिलेखों को खंगाला गया।
  • ​मौजूद सभी कर्मचारियों से पूछताछ की गई।
  • ​भ्रष्टाचार के साक्ष्यों के आधार पर कर्मचारियों के लिखित बयान दर्ज किए गए।

नदारद रहे जिम्मेदार

​हैरानी की बात यह रही कि जब एंटी करप्शन की टीम जांच के लिए पहुंची, तब नगर पंचायत अध्यक्ष अशोक त्यागी और ईओ का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे न्यायिक एसडीएम अनुराग सिंह मौके पर मौजूद नहीं थे।

बड़ी बात: एंटी करप्शन की इस कार्रवाई ने नगर पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार के सिंडिकेट की परतों को खोलना शुरू कर दिया है। टीम की इस सक्रियता से भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच खौफ का माहौल बना हुआ है।

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