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प्रतापगढ़: 87 हजार की रिश्वत कांड में घिरे ईओ अभिनव यादव निलंबित, एंटी करप्शन की कार्रवाई के बाद शासन का बड़ा कड़ा एक्शन

प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश शासन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए प्रतापगढ़ जनपद की नगर पंचायत ढकवा के अधिशासी अधिकारी (EO) अभिनव यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) प्रयागराज की टीम द्वारा बिछाए गए जाल में फंसे रिश्वत कांड के बाद की गई है।

क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता प्रवीण रामपाल सिंह ने आरोप लगाया था कि आवंटित कार्यों को शुरू कराने के बदले ईओ अभिनव यादव और लिपिक प्रशांत सिंह द्वारा 87,500 रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।

  • रंगे हाथ गिरफ्तारी: 09 जनवरी 2026 को एंटी करप्शन टीम ने नगर पालिका परिषद बेल्हा के टाइपिस्ट कक्ष में छापेमारी की।

  • लिपिक दबोचा गया: टीम ने लिपिक (टाइपिस्ट) प्रशांत सिंह को 87,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए दोपहर करीब 2:13 बजे रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

  • ईओ पर भी केस: इस मामले में प्रशांत सिंह के साथ-साथ ईओ अभिनव यादव के विरुद्ध भी कोतवाली नगर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

फरार चल रहे थे ईओ, मोबाइल भी था बंद

​गिरफ्तारी के बाद से ही ईओ अभिनव यादव अपने कार्यालय से लापता थे। उप जिलाधिकारी पट्टी की जांच आख्या में यह बात सामने आई कि 09 जनवरी से ही वह बिना किसी सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे हैं और उनका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ पाया गया।

अनुशासनात्मक कार्रवाई और जांच के आदेश

​नगर निकाय निदेशालय के निदेशक अनुज कुमार झा द्वारा जारी आदेश के अनुसार:

  • निलंबन और अटैचमेंट: अभिनव यादव को उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली के तहत निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान वह नगर निकाय निदेशालय, लखनऊ से संबद्ध रहेंगे।

  • जांच अधिकारी नियुक्त: मामले की विभागीय जांच के लिए सहायक निदेशक सत्यपाल सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें जल्द से जल्द आरोप पत्र गठित कर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

  • भत्ता शर्त: निलंबन के दौरान उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता तभी देय होगा, जब वह इस आशय का प्रमाण पत्र देंगे कि वह किसी अन्य व्यवसाय या रोजगार में शामिल नहीं हैं।

​इस कार्रवाई से नगर निकाय विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। जिलाधिकारी प्रतापगढ़ को निर्देश दिए गए हैं कि यह आदेश आरोपी अधिकारी को तामील कराकर निदेशालय को सूचित करें। 

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